
एक समय ऐसा था जब जावेद ख़ुद को गर्व से हिंदुस्तानी कहता था. जम्मू-कश्मीर पुलिस में इन्स्पेक्टर था वो! और मुकम्मल तौर पर अपने मुल्क के लिए समर्पित था. लकें फिर कुछ ऐसा हुआ कि ख़ुद को हिंदुस्तानी कहलवाने में उसे शर्म आने लगी. उसकी दिली इच्छा था कि सब उसे 'कश्मीर का बेटा' कहें! ऐसा क्यों हुआ? ये सच बता रहें हैं 'वेद प्रकाश शर्मा' अपने इस चर्चित उपन्यास में. ऑडियोबुक के रूप में इस उपन्यास को सुन कर आप उन किरदारों से मिलते हैं, जिसे वेद प्रकाश शर्मा जी ने सालों की मेहनत से गढ़ा है.
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